Gurde Ki Pathri : सोरेल से गुर्दे की पथरी का इलाज
- Bionexus India

- Oct 17, 2023
- 2 min read
Updated: Oct 17, 2023
गुर्दे की पथरी समस्या के रूप में जानी जाती है जिससे कई लोग पीड़ित होते हैं। पारंपरिक उपचार के अलावा, कई घरेलू और प्राकृतिक उपाय भी हैं जो पथरी को निकालने में मदद कर सकते हैं। सोरेल (एक प्रकार की घास जिसे 'आम्बाट चुका' के नाम से भी जाना जाता है) इनमें से एक है।
सोरेल के गुणधर्म:
सोरेल को उसके उपचारात्मक गुणों के लिए जाना जाता है। यह उच्च स्तर पर विटामिन C और अन्य उपयुक्त मिनरल्स से भरपूर होता है, जिससे यह शरीर में उर्जा प्रदान करता है और प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ावा देता है।
गुर्दे की पथरी के कारण:
गुर्दे में पथरी होने का मुख्य कारण अनुचित जीवनशैली और खान-पान है। जब शरीर में अधिक मात्रा में कैल्शियम, ऑक्सेलेट और अन्य मिनरल्स जमा होते हैं, तो वे पथरी का रूप ले लेते हैं।
सोरेल और गुर्दे की पथरी:
सोरेल में उपस्थित अधिक मात्रा में विटामिन C के कारण यह पथरी को घुलाने में मदद करता है। जब विटामिन C शरीर में ज्यादा होता है, तो यह ऑक्सेलेट को पेशाब में घुलाने में मदद करता है, जिससे पथरी नहीं बनती। इसके अलावा, सोरेल में अन्य उपयुक्त मिनरल्स और तत्व भी होते हैं जो गुर्दे के सही कार्य के लिए जरूरी हैं।
उपयोग और सेवन:
सोरेल के पत्ते को सलाद में मिला कर खाया जा सकता है या इसे चाय के रूप में भी पिया जा सकता है। अगर आप इसे चाय के रूप में पीना चाहते हैं, तो सोरेल के पत्तों को पानी में उबालें और इसे ठंडा होने दें। इसे दिन में 2-3 बार पी सकते हैं।
सावधानियां:
हालांकि सोरेल के फायदे अनेक होते हैं, यह भी जरूरी है कि इसका अधिक सेवन न हो। अधिक मात्रा में सोरेल का सेवन करने से पेट में दर्द और डायरिया जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।
निष्कर्ष:
सोरेल गुर्दे की पथरी के इलाज में मददगार साबित हो सकता है, लेकिन इसे सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें। अधिकतर घरेलू उपचार सुरक्षित होते हैं, लेकिन यह भी जरूरी है कि आप इन्हें सही तरीके से और सीमित मात्रा में ही सेवन करें।

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